कहानी

कहानी……!
जीवन एक नयी कहानी सी लगती  है,
जैसे रोज़ खुदसे अनजानी सी लगती है,
मैंने देखे न थे सपने कभी न जाने जैसे सपनो से डर लगता था,
छोटी सी आँखों मैं खुशियों का समंदर तो था,
पर न जाने उनके खो जाने का एहसास क्यूँ था,

एक पल मैं जीवन बदल गया,
तेरे आने से जैसे सब कुछ खिल सा गया,
सुबह हुई महेके फूल, धुप मैं फिर झुलस गए,
श्याम होने के इंतज़ार मैं न जाने कब मुरझा गए,
ऐसी मेरी ही कहानी है जो लगती अनजानी है.

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